साउथ के भगवान सुपरस्टार रजनीकांत की जीवनी

भारत में रहने वाला शायद ही कोई ऐसा शख्स हो जो सुपरस्टार रजनीकांत Rajinikanth को नही जानता हो | साउथ का भगवान माने जाने वाले रजनीकांत ने एक समय में बस कंडक्टर का काम भी किया था | उनके संघर्ष की कहानी को भारत के लोग आज भी अपनी प्रेरणा का स्त्रोत मानते है | Rajinikanth रजनीकांत ने ना केवल साउथ की फिल्मो में धमाल मचाया है बल्कि 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड  में भी अपनी अमिट छाप छोडी है | उस दौर में जब साउथ सिनेमा शीर्ष पर नही था तब उन्होंने साउथ में एक से बढकर एक फिल्मे देकर साउथ फिल्म इंडस्ट्री को उच्च स्तर पे लेकर गये जिसके लिए साउथ फिल्म इंडस्ट्री आज भी उनकी ऋणी है

Early life of Rajinikanth

Rajinikanth रजनीकांत का जन्म 12 दिसम्बर 1950 को कर्नाटक राज्य के बंगलौर जिले में एक मराठी परिवार में हुआ था | रजनीकांत के पिता का नाम रामोजी राव गायकवाड था जो पेशे से एक पुलिस कांस्टेबल थे और उनकी माँ का नाम रामाबाई था जो एक गृहणी थी | रजनीकांत को बचपन में उनके माता पिता ने मराठा वीर राजा छत्रपति शिवाजी के नाम से प्रेरित होकर शिवाजी राव गायकवाड नाम रखा था | रजनीकांत ने परिवार वालो के साथ रहकर तो मराठी सीखी थी लेकिन बंगलौर में घर से बाहर कन्नड़ भाषा सीखी थी |

Rajinikanth रजनीकांत अपने चार भाई बहनों में सबसे छोटे थे | उनके दो बड़े भाई सत्यनारायण राव और नागेश्वर राव थे और इकलौती बहन अस्वथ बलुबाई थी | 1956 में Rajinikanth रजनीकांत के पिता के रिटायरमेंट के बाद उनका पूरा परिवार बंगलोरे के हनुमंत नगर आ गया था जहा उनके पिता ने खुद का घर बनवाया था | जब Rajinikanth रजनीकांत केवल नौ साल के थे तब उनकी माँ का देहांत हो गया था |

छ: साल की उम्र में Rajinikanth रजनीकांत को गविपुरम सरकारी कन्नड़ मॉडल स्कूल में दाखिला दिलाया गया , जहा से उन्होंने प्राथमिक शिक्षा पुरी की थी | बचपन से ही रजनीकांत पढने में तो होशियार थे ही ,साथ ही उन्हें क्रिकेट , फुटबॉल और बास्केटबाल में बहे काफी रूचि थी | इसी दौरान उनके बड़े भाई ने उनको रामकृष्ण मिशन द्वारा स्थापित रामकृष्ण मठ में भर्ती किया , जहा से उन्होंने हिन्दू संस्कृति और वेदों की शिक्षा ली थी | यही पर आध्यात्मिक पाठ लेते वक्त उन्होंने नाटको में भी भाग लेना शुरू कर दिया था |

इसी मठ में रहते हुए उनका थिएटर की तरफ झुकाव हुआ था और एक बार उनको महाभारत में एकलव्य के मित्र का किरदार निभाने का मौका मिला था | उनके इस अभिनय की दर्शको ने काफी तारीफ़ की थी | छठवी कक्षा के बाद रजनीकांत को आचार्य पाठशाला विद्यालय में दाखिला दिलाया गया और स्नातक से पहले की पढाई उन्होंने यही से पुरी की | अपनी स्कूली शिक्षा पुरी करने के बाद वो अपना काफी समय नाटको में बिताते थे | एक कार्यक्रम में तो उन्होंने कुरुक्षेत्र नाटक के लिए दुर्योधन का किरदार निभाया था |

Acting Career of Rajinikanth

Rajinikanth रजनीकांत ने अपने फ़िल्मी करियर की शुरुवात 1975 में बनी तमिल फिल्म “अपूर्व रागंगल ” से की थी | इस फिल्म में निर्देशक बालचन्दर में उनको श्रीविद्या के पति का छोटा सा रोल दिया था और कमल हसन इस फिल्म में मुख्य अभिनेता थे | इस फिल्म की काफी सराहना हुयी थी जिसे तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरुस्कार से सम्मानित किया गया था | रजनीकांत ने अपने फिल्म करियर की शुरुवात में कई फिल्मे कमल हसन के साथ की जिसमे से सभी फिल्मो में कमल हसन मुख्य अभिनेता के तौर पर और रजनीकांत ने नेगेटिव रोल निभाया था |

इस फिल्म के बाद उनको 1976 में “कथा संगम” में अभिनय करने का मौका मिला था | इस फिल्म में तीन छोटी छोटी कहानिया थी जिसमे से तीसरी कहानी में उनको अभिनय करने का मौका मिला था जिसमे एक बार फिर उनको नेगेटिव किरदार दिया गया था |इसके बाद “अन्थुलेनी कथा” नामक तेलुगु फिल्म में पहली बार अपने करियर में मुख्य भूमिका निभाने का मौका मिला था | इसके बाद उनको लगातार कई फिल्मो में नेगेटिव किरदार निभाने का मौका मिला था | “मूंदारू मुदिछु” उनकी पहली ऐसी फिल्म थी जिसमे उनके अभिनय को लोगो ने फॉलो करना शुरू कर दिया था | इसी फिल्म से उनकी सिगरेट को फ्लिप करने का तरीका बहुत प्रसिद्ध हुआ था | उसके बाद उन्होंने कई फिल्मो में नेगेटिव किरदार निभाये थे |

Birth of Superstar

1977 में उनको सबसे पहले तेलुगु फिल्म “चिलकम्मा चेप्पिंडी” में मुख्य किरदार निभाने का मौका मिला था | हालंकि रजनीकांत हमेशा से बालचन्दर को अपना गुरु मानते थे लेकिन मुथुरामन वो निर्देशक थे जिन्होंने रजनीकांत की इमेज को बदला था | मुत्थुरमा ने Bhuvana Oru Kelvikkuri (1977) फिल्म में पहली बार उन्जो एक पॉजिटिव रोल दिया था और इसी फिल्म की अपार सफलता ने इन दोनों की जोड़ी को 90 के दशक में 24 से ज्यादा फिल्मो में साथ देखा था | रजनीकांत अपनी स्टाइल के कारण काफी मशहूर हो गये थे जिसे पूरा साउथ फोलो करने लगा था |

1978 में रजनीकांत तमिल ,तेलुगु और कन्नड़ भाषाओं में 20 फिल्मे की थी | बैरवी वो फिल्म थी जिसमे निर्देशक भास्कर ने उनको सुपरस्टार का दर्जा दिया था | 1980 में तक साउथ इंडियन सिनेमा में रजनीकांत एक पोपुलर एक्टर बन गये थे | इसी दौरान रजनीकांत ने एक बार तो एक्टिंग छोड़ने के फैसला ले लिया था लेकिन बाद में उन्हें राजी कर लिया गया था | उन्होंने तमिल फिल्म “बिल्ला” के साथ दमदार शुरुवात की इस फिल्म में उन्होंने डबल रोल निभाया था और ये फिल्म काफ़ी सफल रही |इसके बाद रजनीकांत ने कई फिल्मो में डबल रोल किया | इसके अलावा 1982 में रजनीकांत ने कई फिल्मो में तीन रोल एक साथ दे दिया |

Rajinikanth Personal life

Rajinikanth रजनीकांत ने लता रंग्चारी से शादी की जो कॉलेज पत्रिका के लिए उनका इंटरव्यू लेने आयी थी और उनको देखते ही उन्होंने लता को प्रपोज कर दिया था | 26 फरवरी 1981 को आन्ध्र प्रदेश के तिरुपति में उनकी शादी सम्पन्न हुयी | रजनीकांत के दो बेटिया ऐश्वर्या रजनीकांत और सौंदर्या रजनीकांत है | ऐश्वर्या रजनीकांत ने 2004 में साउथ एक्टर धनुष के साथ शादी की और उनके दो बेटे भी है | उनकी छोटी बेटी सौंदर्या तमिल फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय है जो निर्देशक ,निर्माता और ग्राफ़िक्स डिज़ाइनर भी है | उसने 2010 में बिज़नसमेन आश्विन रामकुमार से शादी की और उनके एक बेटा वेद कृष्ण है |

rajinikanth on social media

Rajinikanth रजनीकांत अपने व्यक्तिगत जीवन में काफी सीधे सादे रहते है जिनके कारण सोशल मीडिया पर उनका काफी सम्मान किया जाता है | रजनीकांत ने एक बार अपनी स्पीच में बोला था कि एक बार रजनीकांत को उनके बड़े भाई के मित्र एक 60 साल के राजस्थानी मित्र ने मजाक उड़ाते हुए कहा “क्या यार रजनी , तेरे बाल वाल सब उड़ गये , क्या फिल्म वगैरह करना छोड़ दिया क्या ?” तो रजनीकांत ने जवाब दिया “एक फिल्म में काम कर रहा हु ” उनके मित्र ने पूछा “कौनसी फिल्म ? ” रजनीकांत ने कहा “रोबोट और उसमे ऐश्वर्या एक्ट्रेस है ” तब उनके राजस्थानी मित्र ने पूछा “हीरो कौन ? ” रजनीकांत ने कहा “मै ही हीरो हु ” उनकी ये बात सुनते ही उनका वो मित्र 10 मिनट तक कुछ नही बोला और उनको घुर रहा था | रजनीकांत इस बात पर मन ही मन मुस्कुरा दिए | इस वाकिये से पता चलता है कि वो असल जिन्दगी में कितने सीधे है |

रजनीकांत कई सारी समाजसेवी संस्थाओ से भी जुड़े हुए है और दान में काफी विश्वास करते है | साउथ में उनका इतना नाम है कि लोग उन्हें भगवान बुलाते है और उनके चाहने वालों ने उनके नाम का मन्दिर तक बनवा रखा है | रोबोट फिल्म के बाद वो सोशल मीडिया में काफी छा गये थे और उनके नाम पर काफी चुटूकले बने थे | आज 65 साल की उम्र में भी वो इतने एक्टिव है जैसा कोई युवा एक्टर हो और कई नई अभिनेत्रिया उनके साथ काम करने को तैयार रहती है |

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