विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में रोचक तथ्य हिंदी में – Interesting facts about world environment day in hindi

विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में रोचक तथ्य हिंदी में – Interesting facts about world environment day in hindi

पर्यावरण दिवस के बारे में – About environment day

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है, और हमारे पर्यावरण की सुरक्षा के लिए जागरूकता और कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र का प्रमुख वाहन है। 1974 में पहली बार आयोजित किया गया था, यह समुद्री प्रदूषण, मानव अतिवृष्टि, और ग्लोबल वार्मिंग से उभरते पर्यावरण के मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने, टिकाऊ खपत और वन्यजीव अपराध के लिए एक प्रमुख अभियान रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक आउटरीच के लिए एक वैश्विक मंच बन गया है, जिसमें प्रतिवर्ष 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है। हर साल, विश्व पर्यावरण दिवस का एक नया विषय है कि दुनिया भर में प्रमुख निगमों, गैर-सरकारी संगठनों, समुदायों, सरकारों और मशहूर हस्तियों ने पर्यावरणीय कारणों की वकालत की है।

संयुक्त राष्ट्र, जानता है कि मानव पर्यावरण की सुरक्षा और सुधार एक प्रमुख मुद्दा है, जो दुनिया भर में लोगों और आर्थिक विकास की भलाई को प्रभावित करता है, जिसे 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में नामित किया गया है। इस दिवस का उत्सव हमें पर्यावरण को संरक्षित करने और बढ़ाने में व्यक्तियों, उद्यमों और समुदायों द्वारा एक प्रबुद्ध राय और जिम्मेदार आचरण के लिए आधार को व्यापक बनाने का अवसर प्रदान करता है। चूंकि यह 1974 में शुरू हुआ था, यह सार्वजनिक आउटरीच के लिए एक वैश्विक मंच बन गया है जिसे व्यापक रूप से 100 से अधिक देशों में मनाया जाता है

विश्व पर्यावरण दिवस के बारे में महत्वपूर्ण तथ्य

  1. पहला विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 1973 को मनाया गया था।
  2. 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने विश्व पर्यावरण दिवस की स्थापना की।
  3. 80 ट्रिलियन से अधिक एल्यूमीनियम डिब्बे हर साल पुनर्नवीनीकरण किए जाते हैं, और उनमें से सिर्फ 3 घंटे के लिए टीवी को चलाने के लिए पर्याप्त है
  4. विश्व पर्यावरण दिवस के सार्वजनिक अभियान में 100 से अधिक देश शामिल हैं।
  5. डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस दर से जनसंख्या बढ़ रही है, यह अनुमान है कि मानव जाति को वर्ष 2050 तक जीवन को बनाए रखने के लिए तीन ग्रहों की आवश्यकता होगी।
  6. दुनिया भर में खाद्य अपशिष्ट 14% वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में योगदान देता है
  7. विश्व पर्यावरण दिवस मनाने का कोई एक तरीका नहीं है। हर देश इसे अलग-अलग तरीकों से मनाता है, जैसे परेड, पर्यावरणीय आउटरीच कार्यक्रम, स्ट्रीट रैलियां, संगीत कार्यक्रम आदि।
  8. टॉयलेट पेपर की बढ़ती मांग की आपूर्ति के लिए हर दिन लगभग 27,000 पेड़ काटे जाते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस क्यों महत्वपूर्ण है? – Why Is World Environment Day Important?

पर्यावरण संरक्षण और बढ़ावा देने के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व पर्यावरण दिवस महत्वपूर्ण है। यह दिन पर्यावरणविदों का है, और संरक्षणवादी इस बात को बढ़ावा देते हैं कि कुछ योगदानों ने कितना अंतर किया है और कई लोगों को सूट का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया है। विश्व पर्यावरण दिवस संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) का एक हिस्सा बनता है जिसका मिशन व्यवसायों, सरकारों, मशहूर हस्तियों और नागरिकों को पर्यावरणीय मुद्दों को दबाने की दिशा में योगदान करने के लिए समान रूप से शामिल करना है।

विश्व पर्यावरण दिवस की गतिविधियों के माध्यम से, वैश्विक समुदाय का गठन करके वैश्विक परिवर्तन लाना संभव हो सकता है जो पर्यावरण की भलाई पर केंद्रित है। यह अवसर हर किसी को प्राकृतिक संसाधनों की खपत को कम करने के लिए नए तरीकों के बारे में सोचने के लिए प्रोत्साहित करता है, हरियाली मॉडल विकसित करना, टिकाऊ बनना, जंगली स्थानों की रक्षा करना, बच्चों को प्रकृति के साथ सद्भाव में रहने के लिए शिक्षित करना और प्रेरित करना, और उनके लिए बहादुर स्रोत बनना एक हरे रंग के भविष्य की।

Themes

2005 – Green Cities
2006 – Don’t desert drylands
2007 – Melting Ice – a Hot Topic?
2008 – CO2, Kick the Habit
2009 – Your Planet Needs You – UNite to Combat Climate Change
2010 – One Planet. One Future
2011 – Forests-Nature At Your Service
2012 – Green Economy
2013 – Think.Eat.Save
2014 – Raise your voice not the sea level”
2015 – Seven Billion Dreams. One Planet. Consume with Care”
2016 – “Go wild for life
2017 – Connecting People to Nature – in the city and on the land, from the poles to the equato
2018 – Beat Plastic Pollution
2019 – Beat Air Pollution
2020 – Time for Nature

हर साल पांच जून मतलब आज ही के दिन को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है लेकिन क्या आप जानते हो पर्यावरण दिवस क्यों मनाया जाता है ? नही पता है तो जान लीजिये, प्रदुषण तो अब नार्मल बात हो गयी क्योंकि झा देखो अब हर जगे आप को प्रदुषण ज्यादा दिखेगा मोटा मोटा कहा जाए तो अब गांवो को छोड़ दे तो हर जगहे बहुत प्रदुषण है, अगर आप रात को आसमान में देखो तो आप को तारे भी नजर नही आयेंगे, प्रदुषण के कारन बहुत सी बिमारिय फेल रही है और प्रदुषण से पर्यावरण को नुकसान पहुच रहा है जो हमारे और अन्य जीवो की सेहत के लिए बहुत खतरनाक है इसलिए इस दिन को विश्व में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है आप भी अपनी भागीदारी पर्यावरण को बचाने में कर सकते हो
निचे हम आप को 6-7 मुखे बाते बता रहा रहे जीके बारे में आज के दिन सबसे ज्यादा जागरूकता फेलाई जाती है।

हमारे पर्यावरण को बचाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें – Some Important things to know the save our Environment

1. पानी की बर्बादी को रोकना :

क्या आप जानते कई बार हमारी छोटी छोटी आदतों से पानी की काफी बर्बादी होती है और हमें पता भी नही चलता है| क्युकी जल्दबाजी में हम लापरवाही से नल खुला छोड़ देना, ब्रश करते समय नल खुला छोड़ देना, पेड़-पौधों को पानी देते समय , गाडी धोते समय आदि से एक दिन में तकरीबन 8 गैलन पानी बर्बाद होता है, यदि एक व्यक्ति सावधानी बरते तो 8 गैलन पानी बच सकता है। यदि एक शहर के लोग भी ऐसा करे तो लाखो गैलन पानी बच सकता है अत: आप आज से सावधानी बरतो और घर के बड़ो को भे समझाओ। गाडी धोने के लिए पानी की बाल्टी ले सकते है नहाते समय भी बाल्टी में पानी लेकर नहाने से पानी की बचत होती है पेड़-पौधे को सीधे पाइप से पानी मत दो किसी बड़े बर्तन से देना सही है यदि कोई नल या टंकी से पानी रिश्ता है तो समझ लो कि एक साल में 20 हजार लीटर पानी बर्बाद हो रहा है इसलिए उसे तुंरत ठीक कराओ और अपने आस पास के लोगो को भी बताओ इसके बारे में।

2. पोलीथिन का प्रोग ना के बराबर करो

क्या आप को पता है जो पोलीथिन, पोलीथिन बेग यूज़ किये जाते है उन्हें Decompose होने में कई सौ साल लगते है जो पर्यावरण के लिए काफी नुकसानदेह है यदि इनकी जगह पेपर बैग या जुट का प्रयोग किया जाता है तो उन्हें Decompose होने में मात्र तीन-चार हफ्ते लगते है इसलिए पालीबैग की जगह पेपर बैग या जुट के बैग का प्रयोग सही है और दुसरो को भी यही सलाह दो।

3. ज्यादा से ज्यादा बिजली बचाओ

छोटी लापरवाही से बिजली भी काफी बर्बाद होती है अत: जरूरत न होने पर घर के टीवी ,फ्रिज ,पंखे , कंप्यूटर ,लाइट आदि बंद करो। कई बार टॉयलेट जाते समय लाइट ऑन करते है और वापस ऑफ़ नही करते है जितनी जरूरत है उतनी ही बिजली प्रयोग करे तो साल भर में हजारो किलो कार्बन डाई ऑक्साइड बनने से रोक सकते है। बिजली कम खर्च करने वाले उपकरणों का प्रयोग भी बेहतर उपाय है बल्ब की जगह CFL प्रयोग करो इससे 60-80 फीसदी बिजली बचाई जा सकती है। डेस्कटॉप के बदले लैपटॉप प्रयोग करना बेहतर है क्योंकि लैपटॉप डेस्कटॉप के मुकाबले पांच गुना कम बिजली खपत करता है। इन उपायों से बिजली तो बचेगी ही पर्यावरण भी सुरक्षित रहेगा। सोलर एनर्जी का प्रयोग करना भी बेहतर है।

4. पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग

वाहनों से निकलने वाले धुएं से भी प्रदुषण होता है यदि सडक पर 60 कारे चल रही है तो उनसे प्रदुषण अधिक होगा, वही 60 कारो में बैठे लोग एक बस में चले तो प्रदुषण 60 गुना कम होगा। वही पेट्रोल और डीजल की खपत भी कम होगी। हम सभी को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का प्रयोग करना चाहिए और घर के बडो को भी इसके प्रति प्रोत्साहित करना चाहिए।

5. एक पौधा जरुर लगाओ

पेड़-पौधे भी साँस लेते है वे हमारे द्वारा पर्यावरण में छोड़ी जाने वाली कार्बनडाई ऑक्साइड का प्रयोग करते है और हमे ऑक्सीजन भी देते है। ऐसे में यदि एक व्यक्ति एक पौधा भी लगाये तो पर्यावरण भे कार्बनडाईऑक्साइड की मात्रा कम होगी साथ ही ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ेगी। पौधा बड़ा होकर जब पेड़ बनेगा तो छाया भी देगा।

6. नेचुरल जूस है फायदेमंद

बाजार में मिलने वाले पाली पैक जुसे में आर्टिफीसियल फ्लेवर का प्रयोग होता है इनकी जगह नेचुरल जूस को तरजीह देंगे तो पर्यावरण के लिए ज्यादा हितकर है इससे ज्यादा nutrients मिलेंगे, साथ ही नेचुरल जूस का प्रयोग करने से पेड़-पौधे लगाने वाले किसानो को भी इसका लाभ मिलेगा। इससे वे ओर अधिक पेड़-पौधे लगायेंगे ताकि नेचुरल जूस की मांग के अनुसार आपूर्ति हो।

7. कॉपी मत छोड़ो अधूरी

कागज पेड़ से बनता है इसलिए कागज पुरी तरह से प्रयोग करो। कई बार छात्र कॉपी अधूरी छोडकर नई कॉपी का प्रयोग करना शुरू कर देते है ऐसा मत करो। बाकी बचे पेजों को रफ वर्क में इस्तेमाल कर सकते हो। ऐसा करने से लाखो पेड़ो को कटने से बचाया जा सकता है घर में भी किसी को पेपर वेस्ट मत करने दो। दुनिया भर में एक दिन में जितने टिश्यूपेपर का प्रयोग होता है उन्हें बनाने के लिए लाखो पेड़ो का प्रयोग होता है यदि इनकी जगह रुमाल का प्रयोग करे तो लाखो पेड़ो को बचाया जा सकता है।