How to control your anger in hindi

How to control your anger in hindi

वर्तमान समय में Corporate Culture के बढने से लोगो के उपर Work Load बढ़ा है और इसकी वजह से उन्हें Relax होने का थोडा भी समय नही मिलता |वे अपने Office का काम घर पर भी किया करते है | इससे जहा एक ओर उनकी जिन्दगी का Balance बिगड़ता है वही दुसरी ओर क्रोध और चिडचिडापन आदि बढने लगता है | क्रोध करना किसी भी सुरत में अच्छा नही होता है | इससे न केवल आपके संबध खराब होते है बल्कि आपकी सेहत भी खराब होती है | चाहे आपका घर हो या दफ्तर , आपको अपने क्रोध को नियन्त्रण में रखने की जरूरत है |

अपने बारे में होती है गलत धारणा

जिन लोगो को क्रोध ज्यादा आता है उसके पीछे यही कारण बताया जाता है कि वे अपने को दुसरो से बेहतर समझते है | दरअसल जिन लोगो में इस तरह की धारणा बन जाती है वे दुसरो की बातो पर कम ध्यान देते है क्योंकि उन्हें लगता है कि सामने वाला व्यक्ति उनसे कम समझदार है वही जब दुसरे उनके साथ ऐसा ही व्यवहार करते है तो उन्हें तुंरत क्रोध आ जाता है |

दुसरो को कमतर आँकना

इस बात को दिमाग से निकाल दे कि आप ही दुनिया के सबसे होशियार व्यक्ति है क्योंकि सभी व्यक्ति अपने जीवन में अनुभव कमाकर ही अपना मानसिक विकास करते है | ऐसे में बिना यह जाने कि अगले व्यक्ति की पृष्टभूमि क्या है और उनमे कितनी काबिलियत है उन्हें कमतर आँकना आपकी नादानी को दिखाता है | इसलिए अपनी बात के साथ साथ दुसरो की बातो को सुनना भी बहुत जरुरी होता है | इस प्रक्रिया से आपको अगले व्यक्ति की क्षमता के बारे में भी पता चलता है |

जो नही सुनते दुसरो की बात

अक्सर झगड़ो की शुरुवात किसी भी बात को ठीक से नही समझ पाने की वजह से ही होती है | कोई बात आप तभी नही समझते है जब आप उसे ध्यान से नही सुनते | आप जितनी चीजे समझते है उसी में अपनी प्रतिक्रिया दे देते है | यह प्रतिक्रिया आमतौर पर सही नही होती क्योंकि इसमें किसी बात के सभी पक्ष शामिल नही होते है और आप गुस्से में गलत कदम उठा बैठते है जिसका पछतावा आपको बाद में होता है |

क्या है उपाय

किसी बात को पुरे ध्यान से सुनने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया दे | जब आप किसी बात के हर पक्ष को समझते हुए प्रतिक्रिया देते है तो यकीनन ही बेहतर नतीजे पर पहुंच पाते है | ऐसे में क्रोध के बजाय संयम का दामन थामना चाहिए और ठंडे दिमाग से काम लेना चाहिए |

सम्मान दीजिये , सम्मान मिलेगा

एक अंग्रेजी में कहावत है कि Give Respect ,Take Respect इस बात को हमेशा याद रखे कि जब आप दुसरो को सम्मान देंगे तो उसकी प्रतिक्रिया में आपको जो सम्मान मिलेगा वह आपको एक अलग से खुशी देगा | दफ्तरों में यह बात आमतौर पर देखी जाती है कि बड़े पदों पर आसीन अधिकारी अपने अधीन कर्मचारियों से बड़ी बदसलूकी से पेश आते है | इससे उनमे सौहार्द की भावना खत्म हो जाती है और वे दुसरो का सम्मान नही कर पाते है | उन्हें कर्मचारियों की छोटी छोटी गलतियों पर क्रोध आ जाता है क्योंकि वे यह जानते है कि उनके अधीन कर्मचारी उनसे कुछ नही बोल सकते है | वास्तव में यह ऐसी भयंकर बीमारी है जिससे बाहर निकल पाना बहुत मुश्किल है |