ओसामा बिन लादेन , एक अरबपति के आतंकवादी बनने की कहानी

ओसामा बिन लादेन , एक अरबपति के आतंकवादी बनने की कहानी

Osama bin Laden ओसामा बिन लादेन को आज कौन नही जानता है | विश्व में कुछ लोग अपने अच्छे कामो से प्रख्यात होते है लेकिन कुछ लोग अपने बुरे कामो के कारण कुख्यात होते है | उन्ही कुख्यात लोगो में Osama bin Laden ओसामा बिन लादेन का नाम शीर्ष लोगो में आता है जिसने आतंक को अपना हथियार बनाकर पुरे विश्व में आतंक फैलाया | लादेन ने 26/11 पर अमेरिका में जो हमला करवाया उससे पुरे विश्व में आतकंवादियों को हौसला मिला और उनकी जड़े गहरी होती गयी | आइये आज आपको आतंक के उस आँका की जीवनी के बारे में बताते है कि किस तरह उसने आतंक का सफर तय किया |

Osama bin Laden ओसामा बिन लादेन का पूरा नाम ओसामा बिन मोहम्मद बिन अवाद बिन लादेन था जिसका जन्म सऊदी अरब के रियाद में 10 मार्च 1957 को हुआ था | Osama bin Laden ओसामा के पिता मोहम्मद बिन लादेन एक अरबपति रईस था जिसके सऊदी अरब के शाही परिवार से अच्छे ताल्लुकात थे | ओसामा की माँ का नाम हमीदा था जो ओसामा के पिता की दसवी पत्नी थी | Osama bin Laden ओसामा के जन्म के तुंरत बाद ही मोहम्मद बिन लादेन ने हमीदा को तलाक दे दिया था | इसके बाद लादेन की माँ ने मोहम्मद बिन लादेन के एक सहयोगी मोहम्मद-अलअट्टास से शादी कर ली | उन दोनों के चार बच्चे हुए और ओसामा अपने तीन सौतेले भाइयो और एक सौतेली बहन के साथ अपने नये घर में रहने लगा था | लादेन के परिवार ने निर्माण उद्योग से 5 बिलियन डॉलर धन कमाया था जिसे ओसामा बाद में 25 से 30 मिलियन डॉलर तक लेकर गया |

Osama bin Laden ओसामा एक सुन्नी मुस्लिम की तरह पला बढ़ा | 1968 से लेकर 1976 तक उसने élite secular Al-Thager Model School में पढाई की | इसके बाद उसने किंग अब्दुलअजीज यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और बिज़नस एडमिनिस्ट्रेशन की पढाई की | कुछ स्त्रोत तो यह भी बताते है कि उसने 1979 में सिविल इंजीनियरिंग और 1981 में पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री प्राप्त की थी | कुछ स्त्रोत उसे मेहनती बताते थे जबकि कुछ बताते थे कि उसने तीसरे वर्ष में ही कॉलेज डिग्री लिए बिना यूनिवर्सिटी छोड़ दी थी | यूनिवर्सिटी में उसका सारा ध्यान धर्म की तरफ था जहा वो कुरान और जिहाद की व्याख्या करने और धर्मार्थ कार्यो में अपना समय बिताता था | इसके अलावा उसे कविताये लिखने का बड़ा शौक था |

Osama bin Laden बिन लादेन अपनी सभी पत्नियों से 20 से 26 बच्चो का पिता था | लादेन के कई बच्चे 11 सितम्बर के हमले के बाद इरान भाग गये थे और 2010 से इरानी सरकार उनपर नजर बनाये हुए है | लादेन के एक बॉडीगार्ड ने लादेन के बारे में बताया था कि लादेन एक मितव्ययी आदमी और सख्त पिता था जो अक्सर अपने बड़े परिवार को शूटिंग ट्रिप्स और रेगिस्तान की यात्रा पर ले जाया करता था | Osama bin Laden बिन लादेन के पिता मोहम्मद बिन लादेन 1967 में सऊदी अरब में हुए एक प्लेन क्रेश में मारे गये थे | बिन लादेन का सबसे बड़ा सौतेला भाई सालेम बिन लादेन 1988 में अमेरिका के हाथो मारा गया था |

Osama bin Laden लादेन ने ISI एजेंसी के मुखिया और पाकिस्तान सेना में थ्रीस्टार जनरल  हमीद गुल से मिलकर उसके साथ अपने ताल्लुकात बढ़ाये | हालांकि सारा पैसा और हथियार अमेरिका से मिल रहा था लेकिन आतकंवादीयो की सारी ट्रेनिंग का जिम्मा पाकिस्तान सेना और ISI करती थी | 1984 में लादेन और आजम ने मिलकर मकतब-अल-खिदमत नामक एक संस्था बनाई जिसमे पैसा और हथियार उनको अरब देशो से अफगानिस्तान आता था | लादेन ने पाकिस्तान के खायबर पक्थुन्ख्वा ने अपने कैंप लगाये और मुस्लिम देशो से आये लोगो को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया | उसका मकसद अफगानिस्तान में सोवियत समर्थित शासन को खत्म करना था | लादेन ने खुद ने कई मुकाबलों जैसे जाजी की लड़ाई आदि में भाग लिया था | इसी दौरान वो अरब के लोगो का आदर्श बन गया |

1988 में Osama bin Laden लादेन मकतब-अल-खिदमत से अलग हो गया जबकि आजम अफगान लडाको के लिए ओर ज्यादा सहायता चाहता था लेकिन बिन लादेन अब सहायता से ज्यादा उनका आतंक में इस्तेमाल चाहता था | अल-कायदा के निर्माण और आजम से अलग होने का मुख्य कारण था कि आजम अफगान लडाको में अरब लडाको की संख्या बढ़ाना चाहता था ना कि कोई अलग दल बनाना चाहता था जो लादेन का विचार था | जब लादेन ने अल-कायदा की स्थापना की तब उसने बताया था कि यह एक व्यवस्थित इस्लामी गुट है जिसका उद्देश्य उनके धर्म को विजयी बनाना है |

इस दल का नाम कभी भी सार्वजनिक घोषनाओ में नही किया जा था क्योंकि इसके नाम को गुप्त रखना था | अल-कायदा के बारे रिसर्च करने वाले राईट के अनुसार अलकायदा की स्थापना 11 अगस्त 1988 को हुयी थी जिसमे कई मिस्र के इस्लामिक जिहाद के कई दिग्गज नेताओ , अब्दुल्ला आजम और बिन लादेन शामिल थे | इस मीटिंग में इस बात पर सहमती बनाई गयी कि अफगानिस्तान में सोवियत के हट जाने पर सारा पैसा जिहाद के कामो में लगाया जाएगा |इसके बाद फरवरी 1989 में सोवियत संघ ने अफगानिस्तान ने अपनी सेनाये हटा ली और युद्ध समाप्त हो गया | 1990 में लादेन जिहाद के हीरो के रूप में वापस सऊदी अरब लौटा | अरब के लोग सोवियत यूनियन के हटने के पीछे लादेन का मुख्य हाथ मानते थे |

अपने शुरुवाती धमाको से लादेन और उसके साथियो का आत्मविश्वास काफी बढ़ रहा था | लादेन ने अपने नेतृत्व में सोमाली विद्रोहियों को प्रशिक्षित कर 1993 में मोगदिशु में 18 अमेरिकी कर्मचारियों को मारा था | इसके अलावा लादेन न्यू यॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेण्टर में 1993 में हुए धमाको में भी शामिल था | 1995 में उसने मिस्त्र के राष्ट्रपति होसनी मुबारक को भी मारने की कोशिस की थी | 1995 में ही रियाद में अमेरिका के एक ट्रेनिंग सेंटर पर धमाका किया था | 1996 में धारन ने अमेरिकी सेना निवास पर ट्रक बम भेजा था जिसने खोबर टावर को तहस नहस कर दिया था |

1996 में खुद के पकड़े जाने से बचने और अकलायदा में ओर ज्यादा आत्मघाती आतकंवादी भर्ती करने के उद्देश्य से लादने सूडान से अफगानिस्तान चला गया | इस दौरान अलकायदा के हमले ओर ज्यादा बढ़ गये थे | 07 अगस्त 1998 को केन्या के नैरोबी में अमेरिकी दूतावास पर धमाका किया जिसमे 213 लोग मारे गये और 4500 लोग घायल हुए | इसके बाद तंजानिया के दर-ए-सलाम में हुए धमाके में 11 लोगो की मौत और 85 घायल हुए | अलकायदा ने इन सारे धमाको की जिम्मेदारी ली थी |इसके बाद 12 अक्टूबर 2000 में यमन के तट पर एक विस्फोटको से भरी नाव अमेरिकी नौसेना के खेमे में भेज दी जिसमे 17 नाविकों की मौत और 38 घायल हो गये | लादेन ने इस घटना की भी जिम्मेदारी खुद ली |

इसके बाद लादेन अपने जीवन के सबसे बड़े हमले की तैयारी में लग गया था जिसका निशाना अमेरिका की दो सबसे बड़ी इमारत वर्ल्ड ट्रेड सेण्टर और पेंटागन थी | इस हमले की विध्वंसता से तो सब वाकिफ है कि किस तरह इन दोनों अमेरिका को दो प्लेन हाईजैक कर आत्मघाती तरीके से उड़ा दिया गया था | यह आतंकवादी हमला ना केवल अमेरिका बल्कि विश्व इतिहास में भी सबसे बड़ा आतंकवादी हमला बन गया , जिसने विश्व के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र को हिलाकर रख दिया और हमेशा के लिए जख्म दे दिया |

इस घटना के बाद से लादेन मोस्टवांटेड बन गया था जिसके कारण वो लगभग दस सालो तक छिपता था था | इस दौरान वो युवा जिहादियो को अलकायदा में शामिल कर नये हमलो की योजनाये बना रहा था | इसी दौरान CIA और दुसरी ख़ुफ़िया अधिकारी  मिलकर उसके छुपने के इलाको को ढूंढने में लग गये थे | अंत में अगस्त 2010 में लादेन को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से 35 किमी दूर अबोत्ताबाद के एक कंपाउंड में ढूंड लिया गया |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *