इसलिए नहीं की लता मंगेशकर ने शादी

लता मंगेशकर की शादी – सुर साम्रज्ञी लता मंगेशकर की आवाज़ का जादू आज भी बरकरार है, आज तक कोई उनकी टक्कर की गायिका सामने नहीं आई है, मगर अपनी आवाज़ से लोगों को मदहोश करने वाली लता मंगेशकर आखिर आज तक अकेली क्यों है, लता मंगेशकर की शादी क्यों नहीं हुई.

हर किसी के मन में ये सवाल आता है कि इतनी बड़ी गायिका ने आखिर लता मंगेशकर की शादी क्यों नहीं हुई, क्यों नहीं उन्होंने अपना घर बसाया?

दरअसल, इसके पीछे कई वजहें मानी जाती है. एक तो ये कि लता दी के ऊपर पूरे परिवार की ज़िम्मेदारी थी, शायद इसलिए उन्हें अपने बारे में सोचने का वक़्त ही नहीं मिला. एक बार एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा भी था कि छोटो-भाई बहनों की जिंदगी संवारने के में वो इतनी व्यस्त रही कि अपनी शादी के बारे में सोच ही नहीं पाई. खैर, ये तो जाना हुआ सच है, मगर उनके शादी न करने के पीछे एक और गहरा राज़ है और वो राज़ है उनकी लव लाइफ से जुड़ा.

महाराजा से हुआ था प्यार

कम ही लोग जानते होंगे कि लता मंगेशकर कभी एक महाराजा के इश्क की गिरफ्त में थी और ये महाराज़ा कोई और नहीं उनके भाई का दोस्त था. हालांकि इस बारे में लता मंगेशकर ने कभी कुछ नहीं कहा, मगर कहते है न इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपता, उसका पता दुनिया को चल ही जाता है. कहते हैं लता मंगेशकर डूंगरपुर राजघराने के महाराजा राज सिंह से बेहद प्यार करती थीं. दरअसल, लता जी के भाई हृदयनाथ मंगेशकर और राज सिंह एक-दूसरे के अच्छे दोस्त थे. वो एक साथ क्रिकेट खेला करते थे. लता जी से राज सिंह की मुलाकात तब हुई जब वो लॉ की पढ़ाई करने मुंबई आए. इस दौरान वो लता के भाई के साथ उनके घर पर जाया करते थे. देखते ही देखते राज और लता जी की दोस्ती हो गई और ये दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई. लता और राज सिंह दोनों क्रिकेट के भी शौकीन थी और कहीं न कहीं क्रिकेट का शौक ही उन्हें इतना करीब ले आया.

क्यों नहीं हुई शादी?

उस समय तक लता जी हिंदी सिनेमा का चर्चित नाम बन चुकी थी. अक्सर मीडिया में उनके और राज सिंह के रिश्तों को लेकर बातें चलने लगीं, मगर लता ने इस बारे में कभी कुछ नहीं कहा. कहा जाता है कि दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे लेकिन शादी नहीं हो पाई, क्योंकि राज सिंह ने अपने माता-पिता से वादा किया था कि वो किसी भी आम घर की लड़की को उनके घराने की बहू नहीं बनाएंगे. बस इसी वादे के चलते उन्हें अपने प्यार से दूर होना पड़ा.

मगर मानना पड़ेगा दोनों की मोहब्बत को जहां लता जी ने कभी शादी नहीं कि, तो राज सिंह भी जीवनभर कुंवारे ही रहें. कहा जाता है कि राज सिंह लता को प्यार से मिट्ठू पुकारते थे और उनकी जेब में हमेशा एक टेप रिकॉर्डर रहता था जिसमें लता के चुनिंदा गाने होते थे.

सहगल की दीवानी थी लता

बचपन में कुंदनलाल सहगल की फिल्म चंडीदास देखने के बाद लता जी उनकी इतनी दीवानी हो गईं कि कहती थी वो बड़ी होकर सहगल से शादी करेंगी.

भले ही लता जी परिवार और भाई-बहनों की ज़िम्मेदारी को शादी न करने की वजह बताती हो, मगर सच तो ये है कि पहला प्यार और वो भी इतना गहरा प्यार भला कोई कैसे भुला सकता है. शायद वो राज सिंह की मोहब्बत को कभी अपने दिल से निकाल ही नहीं पाई, तभी तो कोई और उनके दिल में जगह नहीं बना पाया.

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